एक प्रश्न को सुलझाए कोई

#___एक_प्रश्न_को_सुलझाए_कोई

आज भारत में चारो ओर जय हिंद के नारे लगाए जा रहे हैं । सभी अपनी अपनी वक्तव्य शैली उसमें जोड़ता चला जा रहा है ।
कवि-कवयित्रियाँ भारत माता की जयघोष कर रहे हैं।
मुझे तो उन लोगों पर हँसी आती हे जो कहते हैं- मेरा भारत महान । मै पूछती हूँ भारत महान कहाँ से है । भारत में कितने ही वीर पुरुष , गुणी जन , विद्वान तथा बहुत से ऐसे लोगों ने जन्म लिया तथा भारत के लिए बहुत कुछ किया लेकिन फिर भी भारत महान न हो सका ।
भारत को महान कहने वाले मुझे ये तो बताओ भारत किस क्षेत्र में महान है । धर्म मजहब के नाम पर यहाँ दंगे, सांप्रदायिक दंगे, कानून उल्लंघन में नं०. 1, गरीबी , लैंगिक विषमता , शोषण, अपहरण... .....
और भी न जाने कितने ही समस्याओं से ग्रस्त है हमारा भारत । लेकिन सरकार को कुछ समस्याओं का ही ध्यान है ।
मै कहती हूँ सिर्फ सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा हमें स्वयं को बदलना होगा । क्योंकि सरकारें तो बहुत सी आई और गई लेकिन कर कुछ नही पाई ।
चलो इतना ही बता दो कि क्या भारत में व्यक्ति बोल सकता है ? नहीं बोल सकता क्योंकि यह गूँगे बहरो का देश है । जनता गूँगी है और सरकार बहरी ।
मै इतना कुछ बोल रही हूँ हो सकता है कल मुझे ही देशद्रोही करार दिया जाए।
आप मुझपर प्रश्न उठाएंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है मै गलत कह रही हूँ । तो मै बताती हूँ कि मै ऐसा क्यों बोल रही हूँ हमें बोलने का अधिकार है बिलकुल है लेकिन सिर्फ संवैधानिक तौर पर लिखित रूप में अर्थात् बोलने का हमें अधिकार मिला है यह सिर्फ संविधान मे लिखित तौर पर मौजूद है ।
आज व्यक्ति सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं रखता यदि वो दुस्साहस करता भी है तो सरेआम मौत का शिकार होता है अथवा परिवार कष्टों की बलि चढ़ता है । यदि ऐसा नहीं है तो हमारे सुप्रसिद्ध लेखक ए. आर. अनंतमुर्ति की हत्या क्यों कर दी गई?

#स्वयं_को_बदलो_देश_खुद_बदल_जाएगा

रेखा

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